खेती में बढ़ती लागत आज हर किसान के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। डीजल, बिजली और सिंचाई पर होने वाला खर्च किसानों की आमदनी को प्रभावित करता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM Kusum Yojana) शुरू की है। यह योजना किसानों को सौर ऊर्जा (Solar Energy) से जोड़ने का प्रयास करती है ताकि वे कम खर्च में सिंचाई कर सकें और कुछ मामलों में अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकें।
PM Kusum Yojana 2026 क्या है?
PM Kusum Yojana एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से किसान सोलर पंप लगाकर बिजली और डीजल पर होने वाला खर्च कम कर सकते हैं। योजना के अलग-अलग घटकों के तहत कृषि पंपों का सोलराइजेशन और सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। योजना का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना है।
PM Kusum Yojana का उद्देश्य
- किसानों की सिंचाई लागत कम करना।
- डीजल पंपों की जगह सोलर पंप को बढ़ावा देना।
- कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना।
- बिजली की बचत करना।
- किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना।
- कई मामलों में अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का अवसर उपलब्ध कराना।
योजना के मुख्य लाभ
1. सिंचाई पर कम खर्च
सोलर पंप लगने के बाद डीजल और बिजली का खर्च काफी कम हो सकता है।
2. दिन में आसानी से सिंचाई
सूर्य की रोशनी के दौरान किसान बिना बिजली कटौती की चिंता किए सिंचाई कर सकते हैं।
3. पर्यावरण के लिए बेहतर
सौर ऊर्जा प्रदूषण नहीं फैलाती और प्राकृतिक संसाधनों की बचत करती है।
4. रखरखाव कम
सोलर सिस्टम में सामान्यतः रखरखाव का खर्च अपेक्षाकृत कम होता है।
5. अतिरिक्त आय की संभावना
योजना के कुछ घटकों के तहत किसान अपनी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर बिजली वितरण कंपनियों को बिजली बेच सकते हैं, यदि राज्य की व्यवस्था इसकी अनुमति देती हो।
PM Kusum Yojana के प्रमुख घटक
- किसान, किसान समूह, पंचायत या FPO अपनी बंजर/अनुपयोगी भूमि पर छोटे ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट स्थापित कर सकते हैं।
- ऑफ-ग्रिड (Standalone) सोलर कृषि पंप उपलब्ध कराए जाते हैं।
- पहले से लगे ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सोलराइजेशन किया जाता है।
PM Kusum Yojana 2026 में सब्सिडी
योजना के अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी राज्य सरकार, योजना के घटक और स्थानीय नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। राष्ट्रीय पोर्टल के अनुसार, कई श्रेणियों में केंद्र सरकार कुल लागत का 30% या 50% तक अनुदान प्रदान करती है, जबकि शेष सहायता राज्य सरकार, बैंक वित्तपोषण और किसान के अंशदान के आधार पर तय होती है। आवेदन से पहले अपने राज्य की नवीनतम गाइडलाइन अवश्य देखें।
कौन कर सकता है आवेदन?
- भारत का किसान।
- कृषि भूमि का स्वामी या पात्र श्रेणी का आवेदक।
- संबंधित राज्य की पात्रता शर्तों को पूरा करने वाला व्यक्ति।
- आवश्यक दस्तावेज रखने वाला आवेदक।
- जिस राज्य में योजना लागू हो, वहां का पात्र किसान।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- भूमि के दस्तावेज
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बिजली कनेक्शन संबंधी जानकारी (जहां आवश्यक हो)
आवेदन कैसे करें?
- अपने राज्य की अधिकृत नोडल एजेंसी या PM Kusum पोर्टल पर जाएं।
- संबंधित Component का चयन करें।
- आवेदन फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें।
- सत्यापन के बाद पात्रता अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
किसानों को क्या फायदा होगा?
- डीजल की लागत कम होगी।
- बिजली बिल में बचत होगी।
- सिंचाई समय पर होगी।
- फसल उत्पादन बेहतर हो सकता है।
- लंबे समय में खेती की लागत घट सकती है।
- स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का अवसर मिलेगा।
आवेदन से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- केवल सरकारी पोर्टल या अधिकृत एजेंसी के माध्यम से आवेदन करें।
- किसी भी अनधिकृत एजेंट को पैसे न दें।
- सब्सिडी की राशि राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
- आवेदन करने से पहले अपने जिले के कृषि विभाग या नोडल एजेंसी से नवीनतम जानकारी प्राप्त करें।
- दस्तावेज सही और अद्यतन रखें।
PM Kusum Yojana Important Links
| PM Kusum Yojana Official Website | PMKY |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. PM Kusum Yojana का लाभ किसे मिलता है?
पात्र भारतीय किसानों को, जो संबंधित राज्य के नियमों को पूरा करते हैं।
Q2. क्या सोलर पंप पर सब्सिडी मिलती है?
हाँ, पात्रता और राज्य के नियमों के अनुसार सब्सिडी उपलब्ध होती है।
Q3. क्या ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
हाँ, जहां सुविधा उपलब्ध है वहां राज्य की नोडल एजेंसी या PM Kusum पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
Q4. क्या सभी राज्यों में नियम समान हैं?
नहीं। आवेदन प्रक्रिया, उपलब्ध घटक और सब्सिडी की व्यवस्था राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
Q5. क्या किसान अतिरिक्त बिजली बेच सकता है?
योजना के कुछ घटकों और राज्य की नीति के अनुसार पात्र किसान ग्रिड से जुड़े सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली बेच सकते हैं।

